नए अंक हेतु आह्वान (Call for Papers) — अरावली उदघोष

2025-10-02
नए अंक हेतु आह्वान (Call for Papers) — अरावली उदघोष

ओपन एक्सेस हिंदी पत्रिका | सामाजिक-सांस्कृतिक • साहित्य • लोक एवं आदिवासी अध्ययन

प्रकाशक: अरावली शोध एवं प्रकाशन समिति
उद्देश्य: जनसरोकारों पर आधारित रचनात्मकता, अनुसंधान और विमर्श को प्रोत्साहित करना

फोकस व दायरा (Focus & Scope)

हम आमंत्रित करते हैं— शोध आलेख, निबंध, समीक्षाएँ, कविताएँ, कहानियाँ, लघुकथाएँ, भजन, लोकगीत, सुड्डा, पद, आलेख तथा लोक/आदिवासी परंपरा से संबंधित अन्य विधाएँ।
पत्रिका विशेष रूप से आदिवासी समाज, ग्रामीण जीवन, वंचित समुदाय, लोक परंपराएँ, तथा सामाजिक-राजनीतिक सरोकारों को प्राथमिकता देती है।

महत्त्वपूर्ण तिथियाँ 
  • प्रस्तुति आरम्भ: प्रथम सप्ताह हर महीने 

  • अंतिम तिथि: अंतिम सप्ताह हर महीने 

  • स्वीकृति/संशोधन सूचना: दो सप्ताह 

  • ऑनलाइन प्रकाशन: समीक्षा, पुनरावलोकन, या निरीक्षण करने के बाद 

प्रस्तुतिकरण दिशानिर्देश
  • भाषा: हिन्दी (अन्य भारतीय भाषाओं की रचनाएँ मूल/हिंदी अनुवाद सहित स्वागतयोग्य)

  • यूनिकोड/फॉर्मेट: देवनागरी यूनिकोड; .docx फ़ाइल वांछनीय

  • शब्द-सीमा (सुझाव):

    • शोध आलेख: 3,000–6,000 शब्द (संदर्भ सहित)

    • निबंध/समीक्षा: 1,200–2,500 शब्द

    • कविता/लघुकथा/लोकगीत आदि: संपादकीय विवेकानुसार

  • संदर्भ शैली: APA 7 या हिन्दी समकक्ष; शोध/निबंध हेतु संदर्भ सूची अनिवार्य

  • मौलिकता: अप्रकाशित, मौलिक कृतियाँ; समानता/प्लेज़रिज़्म 10% से कम रखें

  • चित्र/तालिकाएँ: उच्च-रिज़ॉल्यूशन, स्रोत/क्रिएटिव कॉमन्स विवरण सहित

कैसे भेजें? समीक्षा व प्रकाशन
  • ओपन एक्सेस: पाठकों के लिए निःशुल्क उपलब्ध

  • समकक्ष/संपादकीय समीक्षा; आवश्यक संशोधन के बाद अंतिम स्वीकृति

  • कॉपीराइट/लाइसेंस: कॉपीराइट लेखक के पास; पत्रिका को प्रकाशन हेतु गैर-विशिष्ट अनुमति