नए अंक हेतु आह्वान (Call for Papers) — अरावली उदघोष
ओपन एक्सेस हिंदी पत्रिका | सामाजिक-सांस्कृतिक • साहित्य • लोक एवं आदिवासी अध्ययन
प्रकाशक: अरावली शोध एवं प्रकाशन समिति
उद्देश्य: जनसरोकारों पर आधारित रचनात्मकता, अनुसंधान और विमर्श को प्रोत्साहित करना
हम आमंत्रित करते हैं— शोध आलेख, निबंध, समीक्षाएँ, कविताएँ, कहानियाँ, लघुकथाएँ, भजन, लोकगीत, सुड्डा, पद, आलेख तथा लोक/आदिवासी परंपरा से संबंधित अन्य विधाएँ।
पत्रिका विशेष रूप से आदिवासी समाज, ग्रामीण जीवन, वंचित समुदाय, लोक परंपराएँ, तथा सामाजिक-राजनीतिक सरोकारों को प्राथमिकता देती है।
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प्रस्तुति आरम्भ: प्रथम सप्ताह हर महीने
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अंतिम तिथि: अंतिम सप्ताह हर महीने
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स्वीकृति/संशोधन सूचना: दो सप्ताह
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ऑनलाइन प्रकाशन: समीक्षा, पुनरावलोकन, या निरीक्षण करने के बाद
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भाषा: हिन्दी (अन्य भारतीय भाषाओं की रचनाएँ मूल/हिंदी अनुवाद सहित स्वागतयोग्य)
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यूनिकोड/फॉर्मेट: देवनागरी यूनिकोड; .docx फ़ाइल वांछनीय
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शब्द-सीमा (सुझाव):
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शोध आलेख: 3,000–6,000 शब्द (संदर्भ सहित)
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निबंध/समीक्षा: 1,200–2,500 शब्द
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कविता/लघुकथा/लोकगीत आदि: संपादकीय विवेकानुसार
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संदर्भ शैली: APA 7 या हिन्दी समकक्ष; शोध/निबंध हेतु संदर्भ सूची अनिवार्य
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मौलिकता: अप्रकाशित, मौलिक कृतियाँ; समानता/प्लेज़रिज़्म 10% से कम रखें
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चित्र/तालिकाएँ: उच्च-रिज़ॉल्यूशन, स्रोत/क्रिएटिव कॉमन्स विवरण सहित
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ऑनलाइन सब्मिशन पोर्टल:
aravaliudghosh.com…/submissions
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ओपन एक्सेस: पाठकों के लिए निःशुल्क उपलब्ध
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समकक्ष/संपादकीय समीक्षा; आवश्यक संशोधन के बाद अंतिम स्वीकृति
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कॉपीराइट/लाइसेंस: कॉपीराइट लेखक के पास; पत्रिका को प्रकाशन हेतु गैर-विशिष्ट अनुमति