खंड 38 No. 122 (2025): "आदिवासी लोक कला, संस्कृति एवं परम्परा” विषय पर केन्द्रित विशेषांक"

Issue 122 Cover Image

सामग्री-सूची

संपादकीय

1.     आंटा -सांटा एक कुप्रथा – प्रो. जनक सिंह मीना (पृ. 03)

आलेख/शोध-पत्र

1.     आदिवासी के जीवन की समस्याओं का पर्याय ‘आदिवासी की मौत’ – डॉ. बीना भद्रेशकुमार प्रजापति (पृ. 05)

2.     मीणा जनजाति के लोकगीतों का संरक्षण और संवर्धन : चुनौती एवं समाधान – सुमेर सिंह मीना (पृ. 14)

3.     गोंडजनों  का देवजात्रा मंदीपखोल – प्रीतम सिंह मेरावी (पृ. 28)

4.     ‘हिंदू-जैन सांस्कृतिक समन्वय का परिचालक- श्रीमहावीरजी मेला (करौली)- डॉ. शिल्पी गुप्ता (निर्देशिका), अभिलाषा मीना  (शोधार्थी) (पृ. 32)

5.     झारखंड राज्य का जनजातीय पर्व त्योहार सरहुल – डॉ. पुष्कर बाला (पृ. 38)

6.     लोकगीत गाने वाली मीणा जनजाति की महिलाओं में सुख का स्तर : एक तुलनात्मक अध्ययन – वर्षा मीणा, डॉ.संतोष मीना (पृ. 40)

7.     आदिवासी पत्रकारिता में फीडबैक – डॉ. रूपचंद गौतम (पृ. 56)

कहानी

1.     पहाड़ों के किनारे गाँव  में प्रकृति ही सब कुछ थी – जीवन, धर्म और संस्कार – अंकिता बहन, गोविंद भाई पटेल (पृ. 70)

पुस्तक समीक्षा

1.     ‘रहना नहीं देश बिराना है ‘ : विजय सिंह मीणा – डॉ. हीरा मीणा  – (पृ. 72)

कविताएँ एवं गीत

1.     डॉ. सन्दीप  कुमार सिंह की कविता (पृ. 79)

2.     अशोक सिंह के गीत (पृ. 81)

 

प्रकाशित: 2025-09-01